The 5 food to avoid if you want six pack abs
हालांकि शाकाहारी खाने से हर तरह के पोषक तत्व लेना आसान काम नहीं है. शाकाहारी खाने को लेकर कुछ लोग कई तरह की गलतफहमियां भी पाल लेते हैं और इसके चक्कर में वो कुछ ऐसी गलतियां कर बैठते हैं जिसका असर उनकी सेहत पर पड़ता है. आइए जानते हैं इसके बारे में.
शाकाहारी खाने को सबसे स्वस्थ मानने की गलती- शाकाहारी लोग अपने आप ही वेज खाने को सबसे सेहतमंद मान लेते हैं. जबकि ये जरूरी नहीं है. उदाहरण के तौर पर शाकाहारियों में बादाम का दूध बहुत लोकप्रिय है. इस दूध में कैलोरी कम होती है और कई जरूरी विटामिन और मिनरल्स पाए जाते हैं लेकिन फिर से भी ये गाय के दूध से ज्यादा सेहतमंद नहीं होता है. इसी तरह वेज बर्गर और नगेट्स और जैसे प्रोसेस्ड वेज फूड भी नॉनवेज की तुलना में स्वस्थ नहीं माने जाते हैं. शाकाहारी होने के बावजूद कई फूड आइटम्स कैलोरी में ज्यादा होते हैं और इनमें प्रोटीन, फाइबर भी कम पाया जाता है.
शाकाहारी खाने में पर्याप्त विटामिन B12 नहीं होता- शरीर में खून बनाने के लिए विटामिन B12 बहुत जरूरी होता है. ये विटामिन ज्यादातर एनिमल प्रोडक्ट में पाया जाता है और शाकाहारी लोगों में अक्सर इस विटामिन की कमी पाई जाती है. विटामिन B12 की कमी से थकान और यादाश्त से जुड़ी कई समस्या हो सकती है. हालांकि, शाकाहारी खाने में भी कुछ ऐसी चीजें है जिनमें विटामिन B12 भरपूर मात्रा में पाया जाता है. अपने खाने में फोर्टिफाइड फूड्स, दही, ओटमील और सोया प्रोडक्ट शामिल करें. इसके अलावा जरूरत पड़ने पर आप विटामिन B12 के सप्लीमेंट्स भी ले सकते हैं.
मीट की जगह चीज़ को सेहदमंद मानना- शाकाहारी लोग सैंडविच, सलाद, पास्ता या फिर कई दूसरी चीजों में चीज़ का इस्तेमाल ज्यादा करते हैं. कई लोगों को गलतफहमी होती है कि मीट की जगह चीज़ ज्यादा हेल्दी होता है. हालांकि चीज़ में प्रोटीन और मिनरल्स पाए जाते हैं पर फिर भी ये मीट में पाए जाने वाले पोषक तत्वों की कमी नहीं पूरी कर सकता. मीट की तुलना में चीज़ में कम प्रोटीन पाया जाता है और इसमें कैलोरी भी ज्यादा होती है. चीज़ की जगह आप अपनी डाइट में प्लांट फूड शामिल करें.
शरीर में कम कैलोरी सही- ज्यादातर शाकाहारी खाने में कैलोरी कम पाई जाती है. लोगों को लगता है कि शरीर के लिए कम कैलोरी सही है लेकिन ऐसा नहीं है. शरीर में एक संतुलित मात्रा में कैलोरी का होना जरूरी है. मांसाहारी लोगों की तुलना में शाकाहारियों के शरीर में बहुत कम कैलोरी होती है. कैलोरी की कमी से शरीर में थकान और कमजोरी बनी रहती है. जरूरत से ज्यादा कम कैलोरी की वजह से शरीर में कई तरह के साइड इफेक्ट दिखने लगते हैं.
शाकाहारी लोग ज्यादा पानी नहीं पीते- पर्याप्त मात्रा में पानी पीना हर किसी के लिए जरूरी है खासतौर से शाकाहारियों के लिए. शाकाहारी लोगों की डाइट में फाइबर की मात्रा ज्यादा होती है. फाइबर ज्यादा खाने वाले लोगों को एक निश्चित मात्रा में पानी पीना जरूरी है क्योंकि पानी फाइबर को पचाने में मदद करता है. पानी की कमी से शाकाहारी लोगों को गैस और कब्ज जैसी समस्या भी हो सकती है.
खाने में आयरन की कमी- मीट में आयरन समेत सभी जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं. मीट में हीम आयरन होता है जो शरीर में आसानी से पच जाता है जबकि शाकाहारी खाने के साथ ऐसा नहीं है. प्लांट बेस्ड खाने में नॉन हीम आयरन पाया जाता है जो शरीर में आसानी से अवशोषित नहीं होता है और जिसकी वजह से आयरन की कमी हो जाती है. आयरन की कमी से सांस लेने में दिक्कत और थकावट जैसी समस्या आ सकती है. आयरन के लिए अपनी डाइट में दाल, बीन्स, नट्स ओट्स और हरी सब्जियां शामिल करें.
पर्याप्त कैल्शियम ना लेना- हड्डियों और दांतों के लिए कैल्शियम बहुत जरूरी है. कैल्शियम से शरीर का पूरा फंक्शन सही काम करता है. कैल्शियम की कमी से ऑस्टियोपोरोसिस की समस्या हो सकती है. डेयरी प्रोडक्ट में कैल्शिमय भरपूर मात्रा में होता है. जो लोग डेयरी प्रोडक्ट नहीं लेते हैं उनके शरीर में कैल्शियम की कमी हो जाती है. अगर आप दूध नहीं पीना चाहते तो अपनी डाइट में ब्रोकोली, बादाम, संतरा और अंजीर शामिल करें.
मील प्लान को नजरअंदाज करना- आप घर का खाना खा रहे हों या बाहर का लेकिन अगर आप शाकाहारी खाना खा रहें हैं तो उसके लिए मील प्लानिंग जरूरी है. रेस्टोरेंट्स में शाकाहारियों के लिए बहुत सीमित विकल्प होते हैं. ऐसे में खाने के बारे में पहले से योजना बनाकर चलने से क्या खाना है, ये निर्णय लेने में मदद मिल सकती है. इसके अलावा हर हफ्ते किसी नए शाकाहारी खाने की रेसेपी ढूंढ कर उसे खुद पकाने की कोशिश करें.
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